Sunday, 1 May 2016

HELLO , GOOD MORNING


Dear Friends,

As Inder pointed out , it felt nice catching up with most of you yesterday

To illustrate the " Tube Light " effect ( beer yesterday : inspiration today ) , read the following :

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फिर मुझे दोष ना देना !

 

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'गर तुम गाना बंध  करो तो
मैं लिखना बंध करू ;

फिर मुझे ना दोष देना ,

क्यूं की
आसमान ज़ूक जाएगा
नदिया के पानी रुक जायेगा

'
गर  बहारे उलझ गई तो
मुझे दोष ना देना  !

मई के ये पहले दिन
तुम्हारी पलक के निचे ,

छाँव
कड़ी धुप में बदल गई
तो मुझे दोष ना देना  !

'
गर तुम बन्ध  करोगे गाना
तो
क्या आंसू रुक जायेगे  ?

बरस ना छोड़ कर
क्या
बादलों तरस जायेंगे  ?

मैं लिखना बंध करू तो
तुम्हारे पायल की जंकार
ज़माना सून पाएगा ,

मुझे फिर दोष ना देना  ;

करू जो बंध लिखना
तो परिंदे भी
उड़ पाएंगे ,

घोशले में
पाँखें  सिमट कर
तुम्हारा नाम भी
ना ले पाएंगे  !


मई के ये पहले दिन ,
गुल्मोर के  गुल लाल ,
खिलने से पहेले ही
मुरजाएगे  !

फिर मुझे दोष ना देना  !

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www.hemenparekh.in > Poems ( Hindi )

01  May  2016


hemen  parekh


Marol , Mumbai , India


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